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इजरायल में बड़ा सियासी उलटफेर, आइज़ेनकोट को सरकार बनाने का न्योता, नेतन्याहू को झटका

 Written By: Niraj Kumar
 Published : Nov 08, 2026 06:52 am IST,  Updated : Nov 08, 2026 07:50 am IST

इजरायल में अब बेंजामिन नेतन्याहू की जगह आइज़ेनकोट लेंगे। राष्ट्रपति इसहाक हरजॉग ने याशर पार्टी के अध्यक्ष आइज़ेनकोट को नई सरकार बनाने की जिम्मेदारी देने का फैसला लिया है। यह फैसला नेसेट (इजराइल की संसद) के विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ परामर्श के बाद लिया गया।

आइज़ेनकोट - India TV Hindi
आइज़ेनकोट Image Source : AP

इजरायल में राष्ट्रपति इसहाक हरजॉग ने याशर पार्टी के अध्यक्ष गादी ईसेनकोट को नई सरकार बनाने की जिम्मेदारी देने का फैसला लिया है। यह फैसला नेसेट (इजराइल की संसद) के विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ परामर्श के बाद लिया गया। राष्ट्रपति के इस कदम को मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। क्योंकि नेतन्याहू सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रहे हैं।

आज मिलेगा औपचारिक न्योता

राष्ट्रपति इसहाक हरजॉग ने रविवार शाम (स्थानीय समय) राष्ट्रपति भवन में एक कार्यक्रम के दौरान आइजेनकोट को औपचारिक रूप से सरकार बनाने का न्योता देंगे। आइजेनकोट को सरकार गठन के लिए 28 दिन का वक्त मिलेगा। अगर जरूरत पड़ी तो राष्ट्रपति उन्हें 14 दिन का अतिरिक्त समय भी दे सकते हैं।

आइज़ेनकोट को 67 सांसदों का समर्थन

राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, 67 सांसदों वाले राजनीतिक गुटों ने आइज़ेनकोट के समर्थन में सिफारिश की, जबकि 46 सांसदों वाले गुटों ने मौजूदा प्रधानमंत्री और लिकुड पार्टी के अध्यक्ष बेंजामिन नेतन्याहू का समर्थन किया। वहीं, सात सांसदों ने किसी भी नेता के पक्ष में सिफारिश नहीं की।

राष्ट्रपति इसहाक हरजॉग ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में उन्होंने राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े कई प्रमुख लोगों के साथ गहन बातचीत की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और गादी आइज़ेनकोट से भी मुलाकात की थी। राष्ट्रपति ने आइज़ेनकोट को अपने फैसले की जानकारी दे दी है।

क्या बहुमत साबित कर पाएंगे आइजेनकोट

हालांकि, इसका मतलब ये नहीं है कि आइजेनकोट के पास सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत है। राष्ट्रपति ने केवल पहले उन्हें गठबंधन सरकार बनाने का मौका दिया है। आइजेनकोट के पास यह चुनौती होगी कि वे अलग-अलग विचारधारा वाली पार्टियों को एक साथ लाएं और उनका समर्थन हासिल करें।

किसके पास कितनी सीटें?

बता दें कि संसदीय चुनावों में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने 27 सीटों पर जीत हासिल की और सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी। नेतन्याहू के गठबंधन के पास कुल 53 सीटें हैं। बहुमत के लिए जरूरी 61 सीटों से वह 8 सीट पीछे हैं।

वहीं आइजेनकोट की याशर पार्टी ने कुल 21 सीटें जीतीं और दूसरे नंबर पर रही। वहीं चार दलों वाले यहूदी गठबंधन के पास 48 सीटें हैं। जबकि इजरायल के अरब अल्पसंख्यक समुदाय की अगुवाई करने वाली दो पार्टियों को कुल 19 सीटें हासिल हुई हैं। ऐसे में आइजेनकोट के सामने सरकार बनाने का रास्ता आसान नहीं रहनेवाला है। बता दें कि इजरायल में अरब राजनीतिक गुटों के गठबंधन 'जॉइंट लिस्ट' और अरब-नेतृत्व वाली 'राआम' पार्टी ने देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में 'यशार' पार्टी के अध्यक्ष गादी आइजेनकोट का समर्थन किया है। 

 

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